NEET Cutoff 2026 Expected: देशभर के लाखों छात्र हर साल NEET (National Eligibility cum Entrance Test) परीक्षा में शामिल होते हैं। यह परीक्षा MBBS, BDS और अन्य मेडिकल कोर्सों में प्रवेश पाने का सबसे बड़ा माध्यम है। परीक्षा समाप्त होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर इस बार NEET का कटऑफ कितना जा सकता है?
हालांकि आधिकारिक कटऑफ केवल परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद ही जारी किया जाता है, लेकिन पिछले वर्षों के ट्रेंड, परीक्षा के कठिनाई स्तर और विशेषज्ञों के विश्लेषण के आधार पर संभावित कटऑफ का अनुमान लगाया जा सकता है।
NEET कटऑफ क्या होता है?
NEET कटऑफ वह न्यूनतम अंक या पर्सेंटाइल होता है, जिसे प्राप्त करने के बाद उम्मीदवार मेडिकल काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने के योग्य माना जाता है। ध्यान रखें कि कटऑफ क्लियर करना और सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट मिलना दोनों अलग-अलग बातें हैं।
कटऑफ पार करने के बाद उम्मीदवार को अपनी ऑल इंडिया रैंक (AIR), राज्य रैंक, श्रेणी (Category) और उपलब्ध सीटों के आधार पर कॉलेज आवंटित किया जाता है।
किन बातों पर निर्भर करता है NEET कटऑफ?
हर साल NEET का कटऑफ कई महत्वपूर्ण कारकों के आधार पर तय होता है।
- परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या
- प्रश्नपत्र का कठिनाई स्तर
- सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध सीटों की संख्या
- आरक्षण (Reservation) नीति
- पिछले वर्षों का कटऑफ ट्रेंड
- छात्रों का कुल प्रदर्शन
यदि परीक्षा अपेक्षाकृत आसान होती है तो कटऑफ बढ़ सकता है, जबकि कठिन पेपर होने पर कटऑफ में गिरावट देखने को मिल सकती है।
पिछले वर्षों का NEET कटऑफ ट्रेंड
पिछले कुछ वर्षों में सामान्य वर्ग (General Category) के लिए क्वालिफाइंग कटऑफ लगभग 50वें पर्सेंटाइल पर बना रहा है। वहीं OBC, SC और ST वर्ग के लिए यह लगभग 40वें पर्सेंटाइल के आसपास रहा है।
| वर्ष | जनरल कैटेगरी | संभावित कटऑफ अंक |
|---|---|---|
| 2023 | 50वां पर्सेंटाइल | लगभग 720-137 |
| 2022 | 50वां पर्सेंटाइल | लगभग 720-137 |
| 2021 | 50वां पर्सेंटाइल | लगभग 720-138 |
| 2020 | 50वां पर्सेंटाइल | लगभग 720-147 |
नोट: ऊपर दिए गए अंक क्वालिफाइंग कटऑफ के ऐतिहासिक ट्रेंड को दर्शाते हैं। आधिकारिक आंकड़े प्रत्येक वर्ष अलग हो सकते हैं।
NEET 2026 Expected Cutoff (संभावित)
विशेषज्ञों और पिछले वर्षों के विश्लेषण के अनुसार इस वर्ष संभावित कटऑफ निम्न प्रकार हो सकता है।
General (सामान्य वर्ग)
- संभावित पर्सेंटाइल: 50वां
- संभावित अंक: लगभग 135 से 145
यदि परीक्षा का स्तर मध्यम रहा और छात्रों का प्रदर्शन बेहतर रहा तो कटऑफ इस रेंज के ऊपरी स्तर तक जा सकता है।
OBC / SC / ST
- संभावित पर्सेंटाइल: 40वां
- संभावित अंक: लगभग 107 से 113
आरक्षित वर्गों के लिए कटऑफ सामान्य वर्ग की तुलना में कम रहने की संभावना है।
PwD उम्मीदवार
- संभावित पर्सेंटाइल: लगभग 45वां
- संभावित अंक: करीब 120 से 125
इस साल कटऑफ को कौन-कौन से फैक्टर प्रभावित कर सकते हैं?
1. परीक्षा का कठिनाई स्तर
यदि प्रश्नपत्र संतुलित या आसान रहा तो कटऑफ बढ़ सकता है। कठिन प्रश्नपत्र होने पर इसमें कमी देखने को मिल सकती है।
2. छात्रों की संख्या
हर साल NEET में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की संख्या बढ़ रही है। अधिक प्रतियोगिता का सीधा असर कटऑफ पर पड़ता है।
3. मेडिकल सीटों में बढ़ोतरी
पिछले कुछ वर्षों में देशभर में कई नए मेडिकल कॉलेज शुरू हुए हैं और MBBS सीटों की संख्या भी बढ़ी है। इससे कटऑफ में अत्यधिक वृद्धि होने की संभावना कुछ हद तक कम हो सकती है।
4. छात्रों का प्रदर्शन
यदि बड़ी संख्या में उम्मीदवार अच्छे अंक प्राप्त करते हैं तो कटऑफ भी ऊपर जा सकता है।
क्या सिर्फ कटऑफ क्लियर करना ही पर्याप्त है?
नहीं। NEET कटऑफ पार करना केवल पहला चरण है। इसके बाद उम्मीदवार को मेडिकल काउंसलिंग में भाग लेना होता है, जहां उसकी रैंक, श्रेणी, राज्य कोटा, ऑल इंडिया कोटा और कॉलेजों में उपलब्ध सीटों के आधार पर प्रवेश दिया जाता है।
इसलिए बेहतर मेडिकल कॉलेज पाने के लिए केवल कटऑफ पार करना ही नहीं, बल्कि अधिक से अधिक अंक प्राप्त करना भी जरूरी है।
https://youtu.be/T-ZULMZDiFM?si=JazrgGnpUTYG3shz
NEET उम्मीदवारों के लिए जरूरी सुझाव
- NCERT की किताबों पर सबसे ज्यादा फोकस करें।
- पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र नियमित हल करें।
- समय-समय पर मॉक टेस्ट देकर अपनी तैयारी का मूल्यांकन करें।
- Physics, Chemistry और Biology के महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर विशेष ध्यान दें।
- NTA की आधिकारिक घोषणाओं और काउंसलिंग अपडेट पर नजर बनाए रखें।
निष्कर्ष
NEET 2026 का आधिकारिक कटऑफ परिणाम जारी होने के बाद ही घोषित किया जाएगा। हालांकि मौजूदा ट्रेंड के आधार पर सामान्य वर्ग के लिए लगभग 135 से 145 अंक, जबकि OBC, SC और ST वर्ग के लिए 107 से 113 अंक के बीच क्वालिफाइंग कटऑफ रहने की संभावना जताई जा रही है।
उम्मीदवारों को केवल संभावित कटऑफ पर निर्भर रहने के बजाय अधिक से अधिक अंक हासिल करने का लक्ष्य रखना चाहिए। अच्छी तैयारी, नियमित अभ्यास और सही रणनीति ही मेडिकल कॉलेज में प्रवेश का सबसे मजबूत रास्ता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई कटऑफ केवल पिछले वर्षों के ट्रेंड और विशेषज्ञों के अनुमान पर आधारित है। अंतिम एवं आधिकारिक कटऑफ संबंधित परीक्षा प्राधिकरण द्वारा परिणाम जारी होने के बाद ही घोषित किया जाएगा।
