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ATM Charge New Rules 2026: जनवरी से बदलेंगे RBI के नियम, जानें फ्री ट्रांजैक्शन और फीस #ATM #RULES #CHARGE #2026

जनवरी 2026 तक भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) एटीएम (ATM) लेन-देन से जुड़े नियमों में कुछ अहम बदलाव लागू करने की तैयारी कर रहा है। इन संभावित बदलावों का मकसद बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाना, ग्राहकों को अनावश्यक शुल्क से बचाना और वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को मजबूत करना है।

हालांकि RBI की ओर से अंतिम दिशानिर्देश लागू होने में अभी समय है, लेकिन पिछले वर्षों के नियमों और मौजूदा बैंकिंग ढांचे को देखते हुए कुछ महत्वपूर्ण बदलावों की उम्मीद की जा रही है।

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1. इंटर-बैंक ATM ट्रांजैक्शन फीस में बदलाव संभव

वर्तमान में, जब कोई ग्राहक अपने बैंक के अलावा किसी अन्य बैंक के ATM से पैसे निकालता है, तो उस पर एक तय शुल्क लिया जाता है। अभी आमतौर पर यह शुल्क ₹21 प्रति ट्रांजैक्शन (फ्री लिमिट के बाद) तक होता है।

जनवरी 2026 से RBI इस शुल्क पर:

  • अधिकतम सीमा (Fee Cap) तय कर सकता है
  • ATM स्क्रीन पर शुल्क की पहले से जानकारी दिखाना अनिवार्य कर सकता है

इससे ग्राहक को ट्रांजैक्शन से पहले ही पता चल जाएगा कि कितना चार्ज लगेगा।

2. फ्री ATM ट्रांजैक्शन की संख्या बढ़ सकती है

फिलहाल:

  • मेट्रो शहरों में: 3–5 फ्री ट्रांजैक्शन
  • नॉन-मेट्रो क्षेत्रों में: 5 फ्री ट्रांजैक्शन

RBI ग्रामीण और अर्ध-शहरी (Semi-Urban) इलाकों में रहने वाले ग्राहकों के लिए:

  • फ्री ट्रांजैक्शन की संख्या बढ़ाने
  • बेसिक सेविंग अकाउंट धारकों को अतिरिक्त राहत देने

पर विचार कर सकता है। इसका सीधा फायदा उन लोगों को होगा जो अब भी कैश पर निर्भर हैं।

3. ATM चार्ज को लेकर पारदर्शिता होगी अनिवार्य

RBI की नई गाइडलाइंस के तहत बैंकों को यह सुनिश्चित करना पड़ सकता है कि:

  • ATM मशीन पर शुल्क की जानकारी साफ-साफ दिखे
  • बैंक की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर चार्ज की पूरी लिस्ट हो
  • मासिक बैंक स्टेटमेंट में ATM शुल्क अलग से दिखाया जाए

इससे ग्राहक को कोई भी चार्ज “छुपा हुआ” महसूस नहीं होगा।

4. लोकेशन के हिसाब से चार्ज (Dynamic Pricing) पर विचार

RBI यह भी देख सकता है कि:

  • अधिक भीड़ वाले इलाकों (एयरपोर्ट, मॉल, मेट्रो स्टेशन) में
  • कम उपयोग वाले क्षेत्रों की तुलना में

ATM चार्ज अलग-अलग हों। हालांकि, इस मॉडल को लागू करने से पहले ग्राहक हितों को सर्वोपरि रखा जाएगा।

5. ग्राहकों की सुरक्षा के लिए मजबूत शिकायत व्यवस्था

ATM चार्ज से जुड़े विवादों के लिए:

  • तेज शिकायत निवारण प्रणाली
  • अनधिकृत कटौती पर समयबद्ध रिफंड
  • बैंक पर जवाबदेही तय करना

जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। इससे ग्राहकों का भरोसा बैंकिंग सिस्टम पर और मजबूत होगा।

6. RBI चला सकता है जागरूकता अभियान

नई गाइडलाइंस लागू होने से पहले RBI:

  • डिजिटल और प्रिंट मीडिया के जरिए
  • “आपके अधिकार” पर आधारित अभियान
  • ATM उपयोग से जुड़े नियमों की सरल जानकारी

लोगों तक पहुँचाने पर ज़ोर दे सकता है।

 

7. बैंकों के बीच प्रतिस्पर्धा पर भी होगी नजर

RBI यह भी सुनिश्चित करेगा कि:

  • कोई बैंक ATM चार्ज के नाम पर मनमानी न करे
  • छोटे बैंक या क्षेत्रीय बैंक नुकसान में न जाएं
  • ग्राहकों को बेहतर सेवा और कम शुल्क का लाभ मिले

निष्कर्ष

जनवरी 2026 से ATM चार्ज को लेकर प्रस्तावित बदलाव यह संकेत देते हैं कि RBI ग्राहक-हितैषी और संतुलित बैंकिंग सिस्टम बनाने की दिशा में काम कर रहा है। हालांकि अंतिम नियम RBI की आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होंगे, लेकिन ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बैंक और RBI की वेबसाइट से अपडेट लेते रहें।

इन बदलावों का उद्देश्य साफ है—
कम चार्ज, ज्यादा पारदर्शिता और मजबूत उपभोक्ता सुरक्षा।

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